आंकड़ों के अनुसार उपभोग में सुधार, अनुपालन बेहतर

नवंबर में जीएसटी वसूली 6% वृद्धि के साथ 1.03 लाख करोड़

भास्कर न्यूज
नई दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह तीन महीने के बाद नवंबर में पुन: एक लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार किया। नवंबर में जीएसटी संग्रह एक साल पहले इसी माह की तुलना में छह प्रतिशत बढ़कर 1.03 लाख करोड़ रुपए रहा। इससे पहले अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 95,380 करोड़ रुपये था। पिछले साल नवंबर में 97,637 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इससे पहले सितंबर और अक्टूबर महीने में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर गिरावट आयी थी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि नवंबर में जीएसटी संग्रह के आंकड़ों से पता चलता है कि उपभोग में सुधार हो रहा है और अनुपालन बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिना हस्तक्षेप कर वसूली के तरीकों से कर-अनुपालन सुधारने में मदद मिली है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस बार नवंबर में केंद्रीय जीएसटी से वसूली 19,592 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी से 27,144 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी से 49,028 करोड़ रुपये और जीएसटी उपकर से वसूली 7,727 करोड़ रुपये रही। एकीकृत जीएसटी में से 20,948 करोड़ रुपये आयात से वसूल हुए। इसी तरह उपकर की वसूली में 869 करोड़ रुपये आयातित माल पर उपकर से प्राप्त हुए। बयान में कहा गया कि नवंबर में घरेलू लेन-देन पर जीएसटी संग्रह में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। यह इस साल जीएसटी राजस्व में सबसे अच्छी मासिक वृद्धि है। बयान के अनुसार, जीएसटी व्यवस्था की शुरुआत के बाद नवंबर 2019 में तीसरा सर्वाधिक कर संग्रह हुआ है। इससे अधिक जीएसटी संग्रह सिर्फ इस साल के मार्च और अप्रैल महीने में हुआ था। यह आठवां महीना है जब जीएसटी का मासिक संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए नीतिगत दर में कटौती कर सकता है रिजर्व बैंक

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए नीतिगत दर में लगातार छठवीं बार कटौती कर सकता है। विशेषज्ञों ने यह बात कही। विनिर्माण गतिविधियों में गिरावट के कारण आर्थिक वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है। यह आर्थिक वृद्धि का छह साल से अधिक का न्यूनतम आंकड़ा है। केंद्रीय बैंक अब तक पांच बार नीतिगत दर में कटौती कर चुका है। सुस्त पड़ती वृद्धि को रफ्तार देने और वित्तीय प्रणाली में धन उपलब्धता की स्थिति को बढ़ाने के लिए नीतिगत दर में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत की कमी की गई है।