इक्ष्वाकुपुरी के जरिए अयाेध्या को वैश्विक दर्जा दिलाएंगे योगी

आशीष बाजपेयी
लखनऊ। रामनगरी अयोध्या को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर सबसे पसंदीदा स्थल के तौर पर स्थापित करेंगे। अयोध्या विवाद के अंत के बाद अब योगी आदित्यनाथ की योजना इस धर्मनगरी को विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल बनाने की है। इसके लिए योगी सरकार अयोध्या में कंबोडिया के अंकोरवाट की तर्ज पर नयी नगरी बसाएगी।
इक्ष्वाकुपुरी के नाम से बसाए जाने वाले इस क्षेत्र से अयोध्या में न केवल अंतर्राष्ट्रीय बल्कि उच्च वर्ग के देशी पर्यटकों को भी आकर्षित करने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे इक्ष्वाकुपुरी के निर्माण के बाद पर्यटन की दृष्टि से यह लोगों की सबसे पसंदीदा जगह बनेगी। प्रदेश सरकार का मानना है कि आध्यत्म और पर्यटन के अनूठे आकर्षण वाली इक्ष्वाकुपुरी से अयोध्या में न केवल व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। समूची परियोजना पर 3000 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है।
प्रदेश सरकार के मुताबिक फिलहाल अयोध्या में हर साल 1.5 से दो करोड़ तक पर्यटक आते हैं। हाल ही में अयोध्या विवाद का फैसला आने के बाद इनमें से अधिकांश अयोध्या में कुछ देर बिताकर हनुमानगढ़ी व रामजन्मभूमि के दर्शन कर वापस चले जाते हैं। इक्ष्वाकुपुरी के बन जाने के बाद भारतीय आध्यत्म, दर्शन व धर्मशास्त्र की जानकारी के इच्छुक पर्यटक न केवल यहां कुछ दिन बिता सकेंगे बल्कि एक अनुभव भी ले सकेंगे। इन नयी धर्मनगरी का विकास अयोध्या में 1900 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा जिसमें महज 10 फीसदी ही कंक्रीट का निर्माण होगा जबकि बाकी क्षेत्र में हरियाली होगी। भगवान राम की जलसमाधि वाले स्थान सरयू के गुप्तारघाट से लेकर रामजन्मभूमि तक इक्ष्वाकुपुरी बसायी जाएगी। इसके लिए उपलब्ध सरकारी, नजूल, उद्यान व वन भूमि का उपयोग किया जाएगा।
इक्ष्वाकुपुरी की परियोजना का हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतिकरण किया गया था। इसके मुताबिक अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग से गुप्तारघाट को 4 लेन सड़क बनायी जाएगी जो इक्ष्वाकुपुरी को जोड़ेगी। इसमें एक तरफ सरयू नदी के किनारे रिवर फ्रंट का विकास किया जाए जहां एक पूरी आध्यत्म नगरी बनायी जाएगी। इक्ष्वाकुपुरी को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग में वेदों, पुराणों, धर्मशास्त्रों के नाम से अलग-अलग संकुल होंगे जहां प्रवेश करते ही पर्यटक को इसके बारे में आडियों विजुअल के माध्यम से बताया जाएगा। आध्यत्म नगरी में अलग-अलग मुनियों को आश्रम बनाए जाएंगे जहां लोग योग साधना, कर्मकांड देख व कर सकेंगे साथ ही प्रवास भी कर सकेंगे। समूचे क्षेत्र में प्रवेश के साथ ही एप आधारित गाइड के माध्यम से लोगों को हर तरह की जानकारी मिलती रहेगी।