आर्थिक वृद्धि में तेजी के लिए सस्ते कर्ज से ज्यादा राजकोषीय मदद की जरूरत : भानुमूर्ति

नई दिल्ली। आर्थिक वृद्धि में गिरावट के बीच देश के जाने माने अर्थशास्त्री नेशनल इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक फाइनेंस एण्ड पॉलिसी के प्रोफेसर एन.आर. भानुमूर्ति ने कहा है कि देश में इस समय नीतिगत ब्याज घटाने से ज्यादा जरूरत सरकार की ओर से आर्थिक गतिविधयों को तेज करने में सहायक राजकोषीय उपायों की है। भानुमूर्ति ने कहा कि मौद्रिक उपायों से इस समय कोई बेहतर नतीजा हासिल होना मुश्किल लगता है। उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय अर्थव्यवस्था बचत केन्द्रित है जबकि ब्याज दरों में गिरावट का असर बचत पर पड़ सकता है। ब्याज दरें यदि कम होंगी तो उसका असर बचत पर दिखाई देगा। बचत कम होने का असर निवेश पर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक इस साल अब तक प्रमुख ब्याज दर में 1.35 प्रतिशत तक कटौती कर चुका है लेकिन उसका निवेश पर अनुकूल असर दिखाई नहीं दिया।’’ भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समित अपनी द्वैमासिक समीक्षा पांच दिसंबर को घोषित करने वाली है।